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how weight loss tips in hindi


अचानक डायटिंग करने से हो सकते हैं ये नुकसान


क्या आप जानते हैं डाइटिंग करना सिर्फ कुछ ही समय के लिए लाभदायक होता है. How crash diets harm your health

आज के दौर में डाइटिंग करना बहुत से लोगों के लाइफस्टाइल का हिस्सा बनता जा रहा है. कोई अपनी डायट में ग्लूटन बैन करता है तो कोई शुगर. लेकिन क्या आप जानते हैं डाइटिंग करना सिर्फ कुछ ही समय के लिए लाभदायक होता है. रिसर्च में माना गया है कि डाइटिंग करके वजन घटाने वाले लोगों का वजन कुछ ही साल में उतना ही बढ़ जाता है जितना की वो घटाते हैं.

डायटिशियन एंडी बेलाटी और एक्सरसाइज साईंटिस्ट फिलिप स्टेनफोर्थ का कहना है कि डाइट में कोई भी परिवर्तन लाने से पहले सिर्फ एक रूल को फोलो करें जिसे आप अपनी पूरी जिंदगी भर के लिए लागू कर सकते है. जो कोई भी वजन घटाने के लिए एक हफ्ते का क्रैश डाइट करता है कुछ ही महीने बाद उसका वजन डबल हो जाता है. इसलिए डायटिशियन सुझाव देते है कि डायट में कोई भी परिवर्तन ला रहे हैं तो उसे कम से कम दो से चार साल तक जारी रखें. हेल्दी रहने के लिए डायट में बदलाव कर रहे हैं तो अपनी डायट में सब्जियां ज्यादा शामिल करें. को‍शिश करें कि अधिक से अधिक वॉक करें. शुगर ड्रिंक्स, सोडा ड्रिंक्स एवॉइड करें

नोट:


आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ..

Preventing Obesity in Children in Hindi


बच्चों में मोटापा, इन बातों का रखें ख्याल

आजकल की लाइफस्टाइल का इफेक्ट सिर्फ कामकाजी लोगों पर ही नहीं बल्कि बच्चों पर भी पड़ रहा है। यही कारण है कि बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। बच्चों में मोटापा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली, खराब खानपान, जंक फ़ड का अधिक सेवन, हर समय गैजेट्स का उपयोग, लेजीनेस है। आज हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिससे बच्चों में मोटापे की समस्या को कम किया जा सकता है।

रोक-टोक ना करें-


बच्चे को बार-बार मोटापे के कारण टोकिए मत। बार-बार टोका-टाकी से उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है।

रोल मॉडल बनें-


बच्चो को हेल्दी रखने के लिए खुद हेल्दी खाना खाएं इससे वे भी मोटिवेट होंगे।

तुलना ना करें-


अक्सर माता-पिता अपने बच्चे की तुलना दूसरों के बच्चों से करते है जो गलत है। पढ़ाई का मामला हो, रहन-सहन को हो या मोटापे का। किसी भी मामले में अपने बच्चे की तुलना ना करें।

बच्चों को एक्टिव करें-


आज के बच्चे गैजेट्स की दुनिया में इतने मग्न रहते हैं कि वह आलसी हो जाते है। उन्हें बाहर खेल-कुद से जोडें रखें और एक्टिव बनाएं।

खाने का रखें ध्यान-


अपने बच्चे को डाइट प्लान के अनुसार खाना खिलाए। बच्चे को रोजाना का रूटीन बनाकर हेल्दी फूड उसकी डायट में शामिल करें।

फास्ट-फूड ना दें-


बच्चों को पिज्जा-बर्गर जैसे फास्ट फूड खाने का शौक होता है इसलिए जितना हो सके बच्चों को घर का बना हुआ खाना ही खिलाएं।

नोट:


आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।