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Pet ke Bal Sone Se Nuksan


पेट के बल सोने से होते है यह नुकसान

कुछ लोगो को पेट के बल सोने की बुरी आदत होती है । जिससे कई तरह की हेल्थ समस्याए सामने आती है । आज हम आपको उन समस्याओ के बारे में बताने जा रहे है |

1 । पेट के बल सोने से गर्दन का पोस्चर तब्दील हो जाता है । जिस वजह से आपके ब्रेन तक सही तरीके से ब्लड नहीं पहुच पाता है । जिसके चलते आपको सरदर्द की समस्या हो सकती है ।
2- पेट के बल सोने से पूरी बॉडी में खून सही ढंग से नहीं पहुच पाता है । जिस वजह से मसल्स पैन की समस्या हो सकती है ।
3- इसके अलावा पेट के बल सोने से हड्डियां भी सही तरीके से एडजस्ट नहीं हो पाती है । जिसकी वजह से जॉइंट पैन की समस्या सामने आती है ।
4- पेट के बल सोने से चेहरे पर सही ढंग से ऑक्सिजन नहीं मिल पाता है । जिसके चलते चेहरे पर झुर्रिया और पिम्पल्स की समस्या हो सकती है ।
5- पेट के बल सोने से खाना भी सही तरीके से पच नहीं पाता है । जिस वजह से पेट संबंधी समस्याए सामने आती है ।

नोट:


आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

Reason of Sleeping Disorder in hindi


नींद न आने की वजह


नींद न आना एक आम समस्‍या है लेकिन इसकी असल वजह क्‍या है यह समझना जरूरी है, क्‍योंकि नींद न आने के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं हैं बल्कि और भी हैं।

1-नींद न आने के पीछे प्रदूषण है


अक्‍सर हमें यही बताया जाता है कि नींद न आने का कारण तनाव या फिर अवसाद है, जिसके कारण हम देर रात तक जागते रहते हैं। पर आप इसकी एक नई वजह के बारे में शायद ही जानते होंगे। जी हां आपको नींद न आने के पीछे का कारण आपके शहर का प्रदूषण है, जो आपको सोने नहीं देता है।

2-अमेरिकन यूनिवर्सिटी का खुलासा


एक अध्‍ययन में हुए खुलासे के अनुसार दूषित हवा में सांस लेने वालों को नींद न आने की होती है दिक्‍कत। ये अध्‍ययन अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने किया है।

3-कैसे होती नींद प्रभावित


यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, मारथा बिलिंग्‍स के मुताबिक, हवा में मौजूद नाइट्रोजन डाई ऑक्‍साइड और पीएम 2.5s कण, अच्छी नींद में बाधा उत्‍पन्‍न करते हैं। नाक, साइनस और गले में इनके कारण तकलीफ़ हो सकती है। ये तत्व खून में मिल कर दिमाग पर भी असर डालते हैं।

4-हवा की जांच से पता चला


अमेरिकन थोरासिस सोसाइटी की एनुअल प्रेस कांफ्रेंस में पेश किए गए इस अध्‍ययन में पांच साल में हुए वायु प्रदूषण से सम्बंधित डाटा प्रस्तुत किया गया था। अध्‍ययन के अंतर्गत अमेरिका के छह शहरों में 1,863 लोगों को शामिल किया गया, जिसमें उनके घर-घर जाकर उनके आस-पास की हवा की स्थिति की जांच की गई, जिसकी रिपोर्ट प्रस्‍तुत की गई।

5-जहां कम प्रदूषण वहां अच्‍छी नींद


अध्‍ययन पाया गया कि जहां प्रदूषण का स्‍तर सबसे कम था, वहां लोगों के सोने की क्षमता जहां सबसे कम प्रदूषण था, वहां लोगों की सोने की दक्षता ठीक थी और जहां ज़्यादा प्रदूषण था, वहां की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। हालांकि, कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के महामारीविद् (Epidemiologist) कॉट वाईकैंथल का कहना है कि ये अभी स्पष्ट नहीं है कि प्रदूषण नींद को सीधे तौर पर प्रभावित करता है या नहीं, लेकिन ये कहा जा सकता है कि प्रदूषण का शरीर पर बुरा असर पड़ता है जिससे नींद प्रभावित हो सकती है।

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

Sleeping Disorder Treatment in Hindi


रात में नींद नहीं आने की परेशानी

यदि आप रात भर जागते हैं, या फिर नींद नहीं आने की परेशानी से गुज़र रहे हैं तो इसकी वजह जीन में परिवर्तन है | वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसे इंसान जिन्हें जीवनभर में नींद न आने की समस्या रहती है उसकी वजह इंसान के जीन में होनेवाला उत्परिवर्तन होता है |

अमेरिका के रॉकफेलर विश्वविद्यालय के रिसर्चरों ने अपने शोध में पता किया कि जीन सीआरवाई1 की अलग-अलग किस्में आंतरिक जैविक समय (बाइलॉजिकल क्लॉक) को कम कर देती हैं जो कि रात के वक्त नींद आने की अवस्था और सुबह में जागने के बाद आपको नियंत्रित करने का काम करती है | ऐसे इंसान जो 'रात में नींद नहीं आने' के ऐसे वेरिएंट्स से ग्रसित हैं उन्हें यह लंबे समय तक जगाए रखती है |

रॉकफेलर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मिशेल डब्ल्यू योंग के मुताबिक, अन्य जीन उत्परिवर्तन (जीन म्यूटेशन) की तुलना में जो कि दुनियाभर में रह रहे ऐसे अकेले परिवार जिन्हें नींद न आने तकलीफ है, यह पूरी तरह से असरदार और सही तरीके से होनेवाले जेनेटिक बदलाव है |

नए रिसर्च के अनुसार, यह जेनेटिक बदलाव (म्यूटेशन) हर 75 में से एक इंसान में मौजूद रहता है |