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Diabetes Control in hindi


डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए करें

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है । इस बार योग दिवस की थीम है डायबिटीज । देशभर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है । आज बाबा रामदेव बता रहे हैं डायबिटीज से बचने के लिए करें कौन या आसन.


बाबा रामदेव के मुताबिक, डायबिटीज के लिए कपालभाति प्रणायाम सबसे बेहतर है । इस क्रिया में आपको श्वास को जल्दी–जल्दी बाहर छोड़ना होता है । इससे पेंक्रियाज एक्टिवेट हो जाता है । इससे शुगर बैलेंस होती है.


मंडूकासन-


डायबिटीज रोगियों को मंडूकासन जरूर करना चाहिए । ये क्रियाएं डायबिटीज को पूरी तरह से कंट्रोल कर सकती हैं ।इस आसन को करने के लिए व्रजासन में बैठ जाएं । दोनों मुट्ठियों को पेट के अंदर दबाएं और सांस बाहर छोड़े ।

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इसके बाद धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें । चेहरा ऊपर की तरफ रखें ।

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एक आसन में कम से कम आधा मिनट तक रूकना चाहिए । तभी उसका पूरा फायदा मिलता है ।

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योगमुद्रासन भी डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छा है ।

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इस क्रिया को करने के लिए पद्मासन में बैठ जाएं । पद्मासन में बैठकर मंडूकासन की तरह नाभि पर दोनों हाथ रखें ।सांस अंदर खींचें और आगे की ओर झुक जाएं । इस क्रिया में ठोढ़ी को जमीन से सटाने की कोशिश करें ।डायबिटीज से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए करें ये क्रिया- डायबिटीज के कारण किसी को आंखों की समस्या हो जाती है । किसी को हार्ट की प्रॉब्लम हो जाती है ।

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किसी को किडनी की दिक्कत हो जाती है तो किसी को नर्वस सिस्टम की । ऐसे में डायबिटीज से होने वाले कॉम्प्लिकेशंस को कंट्रोल करने के लिए अनुलोम-विलोम करना अच्छा रहता है ।

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इससे 72 करोड़ 72 लाख 10 हजार 201 नाड़ि‍यां अच्छी हो जाती हैं । इससे नर्वस सिस्टम अच्छा हो जाता है ।

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इससे इम्यूनिटी बढ़ जाती है ।अनुलोम-विलोम में बाएं से सांस लेंगे तो दांईं तरफ की नाक बंद कर देंगे और दांए से सांस लेंगे तो बाईं ओर की नाक बंद कर देंगे । इस क्रिया में एक तरफ से सांस लेना है तो नाक के दूसरी छिद्र से सांस छोड़ना है । इस क्रिया को 5 मिनट से 15 मिनट तक कर सकते हैं ।इस क्रिया को करने से ब्लड प्रेशर की समस्या दूर होती है । हार्ट की प्रॉब्लम दूर होती है ।माइग्रेन डिप्रेशन जैसी समस्याएं दूर होती हैं ।

ये जूस करेंगे डायबिटीज कंट्रोल-


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खीरा, करेला, टमाटर का जूस पी सकते हैं ।

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लौकी का जूस पी लें ।गिलोई का जूस लें ।

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ये डायबिटीज के अलावा मोटापे को कम करेगा और इम्युन सिस्टम को स्ट्रांग करेगा ।

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

Street Food is Harmful in Hindi


स्ट्रीट फूड का सेवन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थ यानी स्ट्रीट फूड्स अधिकांश लोग बड़े चाव के साथ खाते हैं, लेकिन इनके सेवन से अपच होने, पेट में गैस बनने या अन्य बीमारियां होने का खतरा बना रहता है|

‘फूडसेफ्टीहेल्पलाइन डॉट कॉम’ के संस्थापक सौरभ अरोरा और ब्लू माउंट आरओ के प्रबंध निदेशक विशाल गुप्ता ने स्ट्रीट फूड के सेवन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में ये सुझाव दिए हैं|

एसिडिटी की समस्या


कई प्रकार के स्नैक्स मसले हुए आलू से बनाए जाते हैं, जो काफी देर तक खुले में रखे हुए हो सकते हैं, इन्हें खाने से बचें| समोसा और पकौड़ी जैसे स्नैक्स बनाने के दौरान ताजी खाद्य सामग्री नहीं इस्तेमाल नहीं होने से और ज्यादा देर तक रखा होने के कारण इन्हें खाने से आपके पेट में गैस बन सकती हैं, एसिडिटी की समस्या हो सकती है|

डायरिया


अधिकांश सड़कों पर बिकने वाले भोज्य पदार्थ खुले में बनाए जाते हैं, ऐसे में इनके दूषित बारिश के पानी के संपर्क में आने की संभावना रहती है| कुछ फूड स्टॉल खुली नालियों के आस-पास स्थित होते हैं, जहां कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है और इससे आप डायरिया जैसी बीमारी के चपेट में आ सकते हैं|

कॉलरा, टायफाइड


स्ट्रीट फूड में खासकर आपके पसंदीदा गोलगप्पे में इस्तेमाल होने वाला मसाला पानी दूषित पानी से बना हो सकता है, जिससे आपको दूषित पानी से होने वाली बीमारियां जैसे कॉलरा, टायफाइड हो सकता है|

पेट संबंधित समस्या


अगर कुल्फी और बर्फ के गोले साफ-सफाई के साथ तैयार नहीं हुए हैं तो इन्हें खाने से भी आपको पेट संबंधित समस्या हो सकती है|

डायरिया और टायफाइड


दूषित पानी से पेट या आंत में जलन, डायरिया और टायफाइड और कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं| बारिश के गंदे पानी भरे सड़क पर जाने से गंदे पानी के छीटें कपड़ों, हाथ और पैरों पड़ने के कारण इस तरह की बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है| बरसात के दौरान नमी के कारण खमीर वाले भोज्य पदार्थ जैसे छोले-भटूरे में फफूंद लग जाने की संभावना ज्यादा होती है, इसलिए इस तरह के भोजन को खाने के दौरान एहतियात बरतें| सड़क पर जो फलों के जूस बिकते हैं, हो सकता है कि वे काफी देर से खुले में रखे हों और वही बाद में आपको पीने के लिए दिए जाएं, जिससे आप बीमार पड़ सकते हैं और जिन गिलासों में इन्हें पीने के लिए दिया जाता है, उनके भी गंदे होने की संभावना रहती है| विभिन्न रोगाणुओं के अलावा भूमिगत जल में हानिकारक केमिकल भी मौजूद हो सकते हैं, क्योंकि ये आसानी से भूमिगत जल में समा जाते हैं, इसलिए पानी को पीने से पहले उसे फिल्टर कर लें या उबाल लें|

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें|