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Benefits of Daily Bath for Health Tips in Hindi


अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नहाने के पानी में मिलाएं ये चीजें

क्‍या जानते हैं कि अगर नहाने के पानी में कुछ चीजों को मिला लिया जायें तो हेल्‍थ संबंधी कई समस्‍याओं को दूर किया जा सकता हैं। अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए रोजाना नहाना बहुत जरूरी होता है। नहाने से न सिर्फ शरीर की सफाई होती है बल्कि हमारा दिमाग भी तरोताजा होता है। लेकिन क्‍या जानते हैं कि अगर नहाने के पानी में कुछ चीजों को मिला लिया जायें तो हेल्‍थ संबंधी कई समस्‍याओं को दूर किया जा सकता हैं। इस बारे में त्यागी पंचकर्मा और आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की आयुर्वेद डॉक्‍टर शिल्पी बताते हुए कहती है कि नहाने के पानी में कुछ चीजों को मिलाने से आप कई तरह के रोगों और परेशानियों से बच सकते हैं। आइए जानें कौन सी है वह चीजें।


1-सेंधा नमक


शिल्‍पी का कहना है कि अगर एक बाल्‍टी पानी में एक चम्‍मच फिटकरी और एक सेंधा नमक मिलाकर नहाएं तो इससे बॉडी का ब्‍लड सर्कुलेशन सही होता है। जिससे शरीर की थकान और तनाव दूर होता है और मसल्‍स को आराम मिलता है।

2-नीम के पत्‍ते


नीम चाहे स्‍वाद भी कितनी भी कड़वी क्‍यों न हो, लेकिन इसके अनगिनत फायदे है। अगर आप नीम खा नहीं सकते है तो क्‍या हुआ? लेकिन इसके उबले पत्‍तों का लाभ तो उठा सकते हैं। इसके लिए आपको एक गिलास पानी में 8-10 नीम उबाल लीजिए। फिर इसे ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने पर इसे छानकर ताजे पानी की बाल्टी में मिलाकर नहा लें। इससे त्‍वचा की हर तरह की इंफेक्शन दूर होगें और सूजन भी दूर होगी।

3-चंदन


शिल्‍पी का कहना है कि चंदन की खूशबू हर किसी को पसंद होती है और किसी को भी अपनी ओर आकर्षित करती है। अगर आप त्‍वचा से संबंधित समस्‍याओं से परेशान हो तो रात को सोने से पहले एक कटोरी पानी में थोड़ा सा चंदन पाऊडर मिक्स करें। सुबह इस पेस्ट को नहाने वाले पानी में मिलाकर नहाएं। इससे त्‍वचा से जुड़ी सभी परेशानियां दूर होगी।

4-गुलाब जल


अगर आपके शरीर से पसीने की बदबू आती है तो आप पानी में गुलाब जल मिलाकर नहाएं। जी हां बाल्टी में 3 से 4 चम्मच गुलाब जल मिलाकर नहाने से मसल्स रिलैक्स होते है और साथ ही बॉडी की बदबू दूर होती है। या आप नहाने के पानी में गुलाब की पंखुड़ियां डालकर करीब आधे घंटे बाद इस पानी से नहा सकते हैं। इससे आपकी त्वचा पर गुलाबों सा निखार आ जाएगा।

5-कपूर


कपूर का इस्तेमाल सिर्फ पूजा के लिए ही नहीं बल्कि नहाने के पानी में भी किया जा सकता है। इससे बॉडी को रिलैक्स मिलता है और साथ ही सिर दर्द की परेशानी दूर होती है। समस्‍या से बचने के लिए नहाने की बाल्टी में 2 कपूर की टिकिया मिला लें।

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

Health Benefits Of Almonds in hindi


बादाम खाने के कई फायदे हैं

बादाम खाने के यूं तो बहुत फायदे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं बादाम खाने से आप हरदम फिट रह सकते हैं| आज हम आपको बादाम खाने के इन्हीं फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं|

1

बादाम खाने से शरीर में गर्माहट बनी रहती है|

2

रोजाना सुबह उठकर भीगे हुए बादाम खाने से बीमारियों से बचा जा सकता है|

3

क्या आप जानते हैं भीगे हुए बादाम के छिलके निकालकर नहीं खाने चाहिए बल्कि बादाम को छिलकों के साथ ही खाना चाहिए|

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सुबह के समय बादाम को दूध के साथ देने से बच्चों का दिमाग तेज होता है|

5

रोजाना बादाम खाने से बालों का टूटना बंद होता है|

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बादाम को रोजाना खाने से याददाश्त बढ़ती है|

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बादाम दिल की बीमारियों को दूर रखने में काफी मदद करता है|

8

कॉलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी बादाम बहुत उपयोगी है|

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हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी बादाम कारगर है|

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गर्भवती महिलाओं के लिए बादाम बहुत फायदेमंद है|

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बादाम में मौजूद फाइबर हाजमा ठीक रखने में मदद करता है|

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हड्डियों को मजबूत रखने में भी बादाम उपयोगी है|

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें|

Slim-Shortcut for Women and Man in Hindi


पेट की एक्स्ट्रा चर्बी को कम करने के लिए करें ये

हम सब चाहते हैं हमारी कमर पतली-दुबली और छरहरी रहे| महिलाएं हो या पुरुष हर कोई फिट रहना चाहता है| आज आचार्य प्रतिष्ठा बताएंगी कमर के आसपास की एक्ट्रा चर्बी को कैसे आप योग के जरिए कम कर सकते हैं|

मृणाल गति

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कमर को शेप में लाने के लिए आज आपको सीधे खड़े होकर योग क्रियाएं करनी हैं| सबसे पहले करेंगे मृणाल गति आसन का अभ्यास|

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सीधे खड़े हो जाएं| पंजों को मिलाएं और सांस भरते हुए हाथों को ऊपर की ओर उठाएं| हाथों को ऊपर उठाते हुए आपस में मिला लें और हाथों की मुट्ठी बना लें|

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इस क्रिया को दस बार तक दोहराएं| 10 बार करने के बाद हाथ को वापिस ले आएं|

दूसरी क्रिया करेंगे स्कंद गति

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स्कंद गति के लिए सीधे खड़े रहें और हाथों को सामने की ओर फैलाएं| सांस भरते हुए पीछे की ओर ट्विस्ट करें| सांस भरते हुए वापिस आ जाएं|

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इस क्रिया को भी 10 बार दोहराएं|

तीसरी क्रिया में कोणासन करेंगे

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पैरों को कंधों से दुगुनी चौड़ाई में खोल लें| एक हाथ को ऊपर की ओर कर लेंगे| दूसरे हाथ को थाईंज से चिपका कर रखेंगे| सांस भरते हुए नीचे की तरफ झुकेंगे| सांस छोड़ते हुए वापिस आ जाएं| फिर सांस भरते हुए बाएं तरफ झुकें और सांस छोड़ते हुए सीधे हो जाएं|

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कमर पर जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करने के लिए आप अपनी चाय को लेमन टी से रिप्ले स करे दें|

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इसके अलावा आधी दालचीनी को एक कप पानी में उबालें| जब पानी आधा कप रह जाए तो उसका दिन में 2 से 3 बार सेवन करें|

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें|

Street Food is Harmful in Hindi


स्ट्रीट फूड का सेवन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थ यानी स्ट्रीट फूड्स अधिकांश लोग बड़े चाव के साथ खाते हैं, लेकिन इनके सेवन से अपच होने, पेट में गैस बनने या अन्य बीमारियां होने का खतरा बना रहता है|

‘फूडसेफ्टीहेल्पलाइन डॉट कॉम’ के संस्थापक सौरभ अरोरा और ब्लू माउंट आरओ के प्रबंध निदेशक विशाल गुप्ता ने स्ट्रीट फूड के सेवन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में ये सुझाव दिए हैं|

एसिडिटी की समस्या


कई प्रकार के स्नैक्स मसले हुए आलू से बनाए जाते हैं, जो काफी देर तक खुले में रखे हुए हो सकते हैं, इन्हें खाने से बचें| समोसा और पकौड़ी जैसे स्नैक्स बनाने के दौरान ताजी खाद्य सामग्री नहीं इस्तेमाल नहीं होने से और ज्यादा देर तक रखा होने के कारण इन्हें खाने से आपके पेट में गैस बन सकती हैं, एसिडिटी की समस्या हो सकती है|

डायरिया


अधिकांश सड़कों पर बिकने वाले भोज्य पदार्थ खुले में बनाए जाते हैं, ऐसे में इनके दूषित बारिश के पानी के संपर्क में आने की संभावना रहती है| कुछ फूड स्टॉल खुली नालियों के आस-पास स्थित होते हैं, जहां कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है और इससे आप डायरिया जैसी बीमारी के चपेट में आ सकते हैं|

कॉलरा, टायफाइड


स्ट्रीट फूड में खासकर आपके पसंदीदा गोलगप्पे में इस्तेमाल होने वाला मसाला पानी दूषित पानी से बना हो सकता है, जिससे आपको दूषित पानी से होने वाली बीमारियां जैसे कॉलरा, टायफाइड हो सकता है|

पेट संबंधित समस्या


अगर कुल्फी और बर्फ के गोले साफ-सफाई के साथ तैयार नहीं हुए हैं तो इन्हें खाने से भी आपको पेट संबंधित समस्या हो सकती है|

डायरिया और टायफाइड


दूषित पानी से पेट या आंत में जलन, डायरिया और टायफाइड और कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं| बारिश के गंदे पानी भरे सड़क पर जाने से गंदे पानी के छीटें कपड़ों, हाथ और पैरों पड़ने के कारण इस तरह की बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है| बरसात के दौरान नमी के कारण खमीर वाले भोज्य पदार्थ जैसे छोले-भटूरे में फफूंद लग जाने की संभावना ज्यादा होती है, इसलिए इस तरह के भोजन को खाने के दौरान एहतियात बरतें| सड़क पर जो फलों के जूस बिकते हैं, हो सकता है कि वे काफी देर से खुले में रखे हों और वही बाद में आपको पीने के लिए दिए जाएं, जिससे आप बीमार पड़ सकते हैं और जिन गिलासों में इन्हें पीने के लिए दिया जाता है, उनके भी गंदे होने की संभावना रहती है| विभिन्न रोगाणुओं के अलावा भूमिगत जल में हानिकारक केमिकल भी मौजूद हो सकते हैं, क्योंकि ये आसानी से भूमिगत जल में समा जाते हैं, इसलिए पानी को पीने से पहले उसे फिल्टर कर लें या उबाल लें|

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें|

Reducing Cholesterol and Removing Pimples in Hindi


कॉलेस्ट्रॉल कम करने से लेकर पिंपल्स भी दूर कर सकती है गाजर

आप अक्सर गाजर की सलाद या दूसरे रूप में गाजर खाते होंगे लेकिन क्या कभी आपने गाजर के फायदों के बारे में जाना है

1

आंखों की रोशनी के लिए गाजर बहुत अच्छी होती है |

2

रोजाना गाजर खाने से चश्मे का नंबर भी घट सकता है |

3

शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए गाजर का जूस पीना चाहिए |

4

गाजर में मौजूद कैल्शियम से हड्डियों को मजबूत रखा जा रखा जा सकता है |

5

पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए फाइबर युक्त गाजर का सेवन करना चाहिए |

6

ब्‍लड शुगर का लेवल सामान्य रखने के लिए गाजर से बेहतर कुछ नहीं |

7

कॉलेस्ट्रॉल का लेवल कम करने के लिए गाजर का सेवन करना चाहिए |

8

गाजर में विटामिन सी होता है जो मसूडों को मजबूत करता है और मुंह की दुर्गन्ध को दूर करता है |

9

गाजर की सलाद खाने या गाजर का जूस पीने से चेहरे पर चमक आती है |

10

गाजर खून को साफ करती है और इसे खाने से कील-मुंहासों की समस्या दूर होती है |

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें |

How to Handle Stress in Hindi


स्ट्रेस से बिगड़ती है मेंटल हेल्थ

हम ऐसे दौर में जी रहे हैं, जिसमें स्ट्रेस जिंदगी का अभिन्न अंग बन गया है | स्ट्रेस हमारी मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकता है, जो बेचैनी और डिप्रेशन का कारण बनता है | स्ट्रेस की वजह से लोग ऐसी चीजें खाना ज्यादा पसंद करने लगते हैं, जिनमें ट्रांसफैट, नमक और चीनी की अत्यधिक मात्रा होती है | इन चीजों से मोटापा, दिल के रोग, हाईपरटेंशन और डायबिटीज जैसी बीमारियां होने की आशंका रहती हैं | स्ट्रेस व्यक्ति को तंबाकू, शराब व अन्य नशों के लिए भी प्रेरित करता है और नशे का आदी बना देता है.

स्ट्रेस आज जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों का कारण बन चुका है, इसलिए स्ट्रेस का प्रबंधन अब बेहद जरूरी हो गया है |


इंडियम मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ | के |के | अग्रवाल कहते हैं, “जब हमारा शरीर या दिमाग किसी जानी-पहचानी स्थिति के प्रति हमारी समझ के अनुसार प्रतिक्रिया देता है तो उससे स्ट्रेस उत्पन्न होता है | इसलिए स्ट्रेस से बचने के लिए या तो हालात को बदलना होगा या उसके प्रति समझ को या फिर शरीर को योग साधना से इस तरह ढालना होगा कि स्ट्रेस का आपके शरीर पर असर न पड़े |”


उन्होंने कहा, “हर स्थिति के दो पहलू होते हैं | समझ बदलने का अर्थ है कि किसी हालात को दूसरे नजरिए से देखना | यह बिल्कुल पानी के आधे भरे हुए गिलास को देखने की तरह है, उसे आधा भरा या आधा खाली भी माना जा सकता है | हो सकता है, हर हालत को बदलना संभव न हो | जैसे अगर आपकी नौकरी बेहद स्ट्रेसपूर्ण है, लेकिन नौकरी छोड़ना हमेशा संभव नहीं होता |”


आईएमए (IMA)अध्यक्ष का कहना है, “हालात के बारे में दूसरे पहलू से सोचने को एलोपैथिक भाषा में कॉजिनिटिव बेहेवियरल थैरेपी कहा जाता है, यह शब्द अयुर्वेद से लिए गए हैं | भगवत गीता में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को इस कॉजिनिटिव बेहेवियरल थेरेपी के बारे में सलाह दी थी | काउंसलिंग के साथ ही हम शरीर को इस तरह से ढाल सकते हैं कि स्ट्रेस का हम पर असर ना हो | प्राणायाम, ध्यान और नियमित व्यायाम की कला सीख कर हम ऐसा कर सकते हैं |”


अग्रवाल ने कहा, “शोध में यह बात सामने आई है कि गुस्सा, द्वेष और आक्रामकता दिल के रोगों का नया खतरा बन कर उभर रहे हैं | यहां तक कि गुस्से की हालत को दोबारा याद करने से भी दिल का दौरा प्रोत्साहित होता है | शोध में यह भी पाया गया है कि अगर डॉक्टर आईसीयू में बेहोश मरीज के सामने नकारात्मक बातें करने की बजाय सकारात्मक बातें करें तो उसके नतीजे बेहतर निकलते हैं |”


आध्यात्मिक दावा का अभ्यास करने का सबसे बेहतर तरीका है अपने विचारों, बोलों और क्रियाओं में मौन को लाना | प्राकृति माहौल में शांत मन से केवल सैर करते हुए और प्राकृति की सुंदर आवाजों को सुनते हुए बिताना 20 मिनट के ध्यान के बराबर प्रभावशाली होता है | 20 मिनट के ध्यान से वही मानसिक ऊर्जा प्राप्त होती है जो सात घंटे की नींद से मिलती है |