Showing posts with label Acidity. Show all posts
Showing posts with label Acidity. Show all posts

Street Food is Harmful in Hindi


स्ट्रीट फूड का सेवन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थ यानी स्ट्रीट फूड्स अधिकांश लोग बड़े चाव के साथ खाते हैं, लेकिन इनके सेवन से अपच होने, पेट में गैस बनने या अन्य बीमारियां होने का खतरा बना रहता है|

‘फूडसेफ्टीहेल्पलाइन डॉट कॉम’ के संस्थापक सौरभ अरोरा और ब्लू माउंट आरओ के प्रबंध निदेशक विशाल गुप्ता ने स्ट्रीट फूड के सेवन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में ये सुझाव दिए हैं|

एसिडिटी की समस्या


कई प्रकार के स्नैक्स मसले हुए आलू से बनाए जाते हैं, जो काफी देर तक खुले में रखे हुए हो सकते हैं, इन्हें खाने से बचें| समोसा और पकौड़ी जैसे स्नैक्स बनाने के दौरान ताजी खाद्य सामग्री नहीं इस्तेमाल नहीं होने से और ज्यादा देर तक रखा होने के कारण इन्हें खाने से आपके पेट में गैस बन सकती हैं, एसिडिटी की समस्या हो सकती है|

डायरिया


अधिकांश सड़कों पर बिकने वाले भोज्य पदार्थ खुले में बनाए जाते हैं, ऐसे में इनके दूषित बारिश के पानी के संपर्क में आने की संभावना रहती है| कुछ फूड स्टॉल खुली नालियों के आस-पास स्थित होते हैं, जहां कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है और इससे आप डायरिया जैसी बीमारी के चपेट में आ सकते हैं|

कॉलरा, टायफाइड


स्ट्रीट फूड में खासकर आपके पसंदीदा गोलगप्पे में इस्तेमाल होने वाला मसाला पानी दूषित पानी से बना हो सकता है, जिससे आपको दूषित पानी से होने वाली बीमारियां जैसे कॉलरा, टायफाइड हो सकता है|

पेट संबंधित समस्या


अगर कुल्फी और बर्फ के गोले साफ-सफाई के साथ तैयार नहीं हुए हैं तो इन्हें खाने से भी आपको पेट संबंधित समस्या हो सकती है|

डायरिया और टायफाइड


दूषित पानी से पेट या आंत में जलन, डायरिया और टायफाइड और कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं| बारिश के गंदे पानी भरे सड़क पर जाने से गंदे पानी के छीटें कपड़ों, हाथ और पैरों पड़ने के कारण इस तरह की बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है| बरसात के दौरान नमी के कारण खमीर वाले भोज्य पदार्थ जैसे छोले-भटूरे में फफूंद लग जाने की संभावना ज्यादा होती है, इसलिए इस तरह के भोजन को खाने के दौरान एहतियात बरतें| सड़क पर जो फलों के जूस बिकते हैं, हो सकता है कि वे काफी देर से खुले में रखे हों और वही बाद में आपको पीने के लिए दिए जाएं, जिससे आप बीमार पड़ सकते हैं और जिन गिलासों में इन्हें पीने के लिए दिया जाता है, उनके भी गंदे होने की संभावना रहती है| विभिन्न रोगाणुओं के अलावा भूमिगत जल में हानिकारक केमिकल भी मौजूद हो सकते हैं, क्योंकि ये आसानी से भूमिगत जल में समा जाते हैं, इसलिए पानी को पीने से पहले उसे फिल्टर कर लें या उबाल लें|

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें|

Diet for Healthy Liver in hindi


स्वस्थ लिवर के लिए खान पान (Diet for Healthy Liver)


1

पर्याप्त मात्रा में ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन।

2

ढेर सारा पानी (उबला हुआ या बोतलबंद), फलों का जूस।

3

अत्यधिक तले हुए भोजन से बचने की कोशिश करें।

4

भूख बढ़ाने वाले पदार्थों का प्रयोग करें-7 इंच के आकार की प्लेट का प्रयोग करें. यह मात्रा को नियंत्रित करता है।

5

फलों का जूस, सब्जियों के सूप या छांछ का सेवन करें।

6

भोजन तब ही करें जब आपको भूख लगे और अपनी क्षमता से आधा भोजन ही करें।

7

सब्जियों के दो स्त्रोतों में वसा और तेल की मात्रा 10 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिएः मूंगफली, जैतून, सरसों, चावल की भूसी और जिंजली ऑयल्स (मक्खन, घी या ट्रांस फैट बिल्कुल नहीं लेने चाहिए)।

8

गुड़, शहद से चीनी 10 फीसदी (टेबल शुगर से बचना चाहिए); नमक (आयोडाइज्‍ड) 5 ग्राम प्रतिदिन।

9

सुबह खाली पेट एक बड़ा गिलास गुनगुना नींबू पानी पिएं। इससे लिवर तो साफ होगा ही, पाचन भी सुधरेगा।

10

खाना बनाने में चुटकी भर हल्दी का इस्तेमाल भी फायदेमंद है। हल्दी लिवर के इन्फेक्शन को ठीक करती है।

11

रोज 6-7 लहसुन की कलियां लें यह लीवर को साफ करता है।

12

स्वस्थ लिवर के लिए व्यायाम (Exercises for Healthy Liver)

13

ऐसी एक्सरसाइज करें, जिससे पसीना निकले। पसीना निकलने से शरीर की सफाई होती है। ऐसा होने से लिवर पर जोर कम पड़ता है।

14

जॉगिंग, साइकलिंग, आउटडोर गेम्स या खास एक्सरसाइज चुनें।

15

अर्धमत्स्येंद्रासन, मलासन, अधोमुख आसन स्वस्थ लिवर के लिए अच्छे होते है।

Losing Weight with Water


क्या सिर्फ पानी पीकर हो सकता है वजन कम?

बहुत से लोग एक रात में ही अपना वजन कम करने की सोचते हैं जबकि कई तो झटपट कुछ ही दिनों में स्लिम दिखना चाहते हैं | इसके लिए वे सबकुछ खाना-पीना छोड़कर सिर्फ पानी पर रहना शुरू कर देते है | जानिए, बिना कुछ खाए-पीएं सिर्फ पानी पीकर वजन कम करना आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है.


बिना खाए-पीएं शरीर में एनर्जी नहीं रहती | आप सुस्त और नीरस महसूस करते हैं | कमजोरी होने के कारण आप गिर भी सकते हैं | सिर्फ पानी पीने से सिरदर्द होने लगता है |पानी की डायट लेने से हार्ट भी सामान्य तरीके से काम नहीं करता | हो सकता है इससे आपको कुछ गंभीर बीमारी भी हो जाए |लंबे समय तक लगातार वाटरी डायट लेने से इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता हैं जिससे आपको गई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं |किडनी और लीवर भी कमजोर हो सकते है |शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन ना मिलने से मसल्स भी कमजोर होने लगती है | कुछेक मामलों में तो लंबे समय तक सिर्फ पानी की डायट लेने से कुछ ऑर्गन भी फेल हो सकते हैं | नजीतन तुरंत मौत भी हो सकती है | ऐसे में सिर्फ पानी पीने से भी हो सकते हैं कई नुकसान.

Spring Onion Benefits in Hindi


प्याज ही नहीं हरा प्याज भी है फायदेमंद, तो तुरंत करें डायट में शामिल!

हरे प्याज के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा | सर्दियों में ये खासतौर पर मिलता है | आज हम आपको बता रहे हैं हरे प्याज के बारे में | हरे प्याज में कई ऐसे गुण हैं जो हमारी हेल्थ को इंप्रूव करता है |


हरे प्याज से कैसे आप अपनी सेहत बना सकते हैं |

इंटेस्टाइन के लिए अच्छा है हरा प्याज- हमारे इंटेस्टाइन में गुड बैक्टीरिया और बैड बैक्टी‍रिया दोनों तरह के पाए जाते हैं | अच्छे बैक्टीरिया इंटेस्टाइन के एसिड लेवल को मेंटेन करते हैं | कम ही लोगों को पता होगा कि इंटेस्टाइन में मौजूद बैक्टीरिया ही विटामिन बी 12 प्रोड्यूस करते हैं | लेकिन कई बार इंटेस्टाइन में बैड बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं तब होती हैं कई तरह की बीमारियां | हरे प्याज में मौजूद ऐलेसिन ऐसा कंपाउंड है जो बैड बैक्टीरिया को कंट्रोल में रखता है | ताकि अच्छ बैक्टीरिया इंटेस्टाइन में बढ़ जाएं |एंटीइंफ्लेमेट्री प्रोपर्टीज- हरे प्याज में एंटीइंफ्लेमेट्री प्रोपर्टीज हैं | ऐसे में ये आर्थराइटिस और हार्ट डिजीज के लिए फायदेमंद है | विटामिन से भरपूर- हरे प्याज में होता है विटामिन ए, विटामिन के, मैग्नीज और कॉपर | ये कई बीमारियों से हमें बचाता है | जैसे ये कॉलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है | ये आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद है |हरे प्याज को सब्जी के तौर पर या इसकी सलाद बनाकर भी खाया जा सकता है |

Health Benefits of Amla in Hindi


सर्दी (Winter) में आंवले के सेवन से दूर हो सकती हैं ये बीमारियां !

यूं तो आंवला दिखने में खाने में कितना बढिया लगता है | आंवले का अचार, आंवले का मुरब्बा सामने आते ही मुंह में पानी आ जाता है | आंवले में मौजूद गुण सेहत को फायदा भी खूब पहुंचाते हैं | आज आचार्य बालकृष्ण बता रहे हैं इसी आंवले के फायदों के बारे में |

पेट की बीमारियों में आंवला-

आपको यदि अल्सर, अल्सरेटिव कोलाइटिस या पेट का कोई इंफेक्शन है तो आंवले के रस या सूखे हुए आंवले के पाउडर का आप सेवन करते हैं तो आपको लाभ मिलेगा |

रोजाना आंवले का सेवन-

रोजाना इसके सेवन से आंखों की रोशनी अच्छी होती है, हेल्दी बालों और पूरे शरीर के लिए ये एक टॉनिक के रूप में काम करता है |

उल्टी (vomiting)में आंवला-

जिन लोगों को उल्टियां हो रही हैं या फिर जिनकी उल्टियां बंद नहीं हो रही हैं उन्हें आंवले के पाउडर को शहद में मिलाकर दें या फिर आंवले को रात को भिगोकर उसे सुबह पानी के साथ उबालकर पीएं | पके हुए आंवला खाने से भी वॉमेटिंग बंद हो जाएगी |

आंवले का शरबत -

आंवले के रस को निकालकर धूप में रख लेंगे तो भी ये खराब नहीं होगा | इसके रस में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर रख देंगे तो शरबत की तरह से आंवले के रस का सेवन कर सकते हैं | इससे शरीर को एनर्जी ( energy )भी मिलेगी और पेट भी साफ होगा |

Health Benefit of Radish in Hindi


सर्दी (Winter) में मूली खाएंगे तो होंगे ये फायदे!

सर्दियों में आप धूप में मूली को काले नमक के साथ खाएं तो इसका स्वाद ही बढ़ जाता है | लेकिन क्या आप जानते हैं इसके खाने के कई फायदे भी हैं | सर्दियों में मूली खाने के फायदों के बारे में |

मूली जॉन्डिस(Jaundice) यानि पीलिया के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है | जिन लोगों को पीलिया हो चुका है या जो इससे रिकवर कर रहे हैं उन्हें मूली को नमक के साथ जरूर खाना चाहिए | इससे पीलिया जल्दी ठीक हो जाता है |

श्वसन विकार(Respiratory Disorder) हैं यानि जिन लोगों के फेफड़े(Lungs) में दिक्कत है यदि वे मूली का सेवन करें तो फेफड़ों संबंधी बीमारी से जल्दी निजात मिलती है |

बुखार में मूली का रस लेना बहुत फायदेमंद होता है | इतना ही नहीं, बुखार के दौरान टेस्ट बदल जाता है, वो भी ठीक हो जाता है

यदि कीड़ा काट लें तो वहां मूली का रस लगाना चाहिए | जल्दी आराम मिलता है | इससे इचिंग भी नहीं होगी |

मूली को यदि आप सलाद में खाते हैं तो ये माउथ फ्रेशनर है | ये माउथ को फ्रेश और हेल्दी रखता है |

कुछ लोग खट्टी डकारें आने के कारण मूली का सेवन नहीं करते | लेकिन आप मूली को उसके पत्तों और काले नमक के साथ खाएंगे तो इतनी डकारें नहीं आएंगी |

कहते हैं कि मूली के खाने से कब्ज की समस्या भी आसानी से दूर होती है |

मूली हर उम्र के लोग खा सकते हैं | इसमें मौजूद नैचुरल फाइबर बड़ी उम्र के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है | ये डायजेस्टिव सिस्टम को भी ठीक रखता है |