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Slim And fit for Tips in hindi


स्लिम और फिट के लिये आजमाएं ये टिप्‍स

स्लिम और फिट व्‍यक्ति को देखकर आपको भी थोड़ी बहुत ईर्ष्‍या तो जरूर होती होगी। आपके मन में भी होता होगा कि आप भी क्‍यों न फिट रहें। तो अगर आप भी स्लिम-ट्रिम और फिट दिखना चाहते हैं? तो इन 5 टिप्‍स को अजमाइए और स्‍वस्‍थ्‍य जीवन पाइए।


1-ब्रेकफास्‍ट में शामिल करें ये फूड


फिट रहने वाले प्रतिदिन सुबह ब्रेकफास्‍ट जरूर करते हैं। नाश्‍तें में दही, फ्रूट जूस, अंडे, बादाम आदि का को शामिल करें। यह आपको पूरे दिन ताकत मिलेगी और आप फिट रहेंगे। खाने में प्रोटीन युक्‍त फूड का सेवन आपकी मसल्‍स को बनाएगा और स्लिम रखेगा।

2-खाने में लें हाईफाइबर फूड


स्लिम-ट्रिम और फिट रहने के लिए ऑयली चीजों के बजाए हाईफाइबर फूड लेना चाहिए। पत्‍तागोभी, फूलगोभी, पालक, मेथी, चना, मूंग आदि फूड फाइबर युक्‍त होते हैं। ऐसे आहार का सेवन जरूर करना चाहिए।

3-ग्रीन टी या ब्‍लैक कॉफी


फिट रहने वाले लोग सुबह की चाय में दूध और शक्‍कर को अवॉइड करते हैं, इसकी जगह ब्‍लैक कॉफी या ग्रीन टी लेते हैं। इस बॉडी बॉडी मेनटेन रहती है। इसके अलावा शरीर को डिटॉक्‍स करने के लिए पानी का भरपूर सेवन करें।

4-लें भरपूर नींद


अगर आप जिम करते हैं या कोई भी शारीरिक मेहनत करते हैं तो भी भरपूर नींद लेना जरूरी होता है। कम से कम 7 घंटे की नींद लेनी चाहिए। इससे भूख बढ़ाने वाले हॉर्मोन्‍स का लेवल कम होता है।

5-रेगुलर एक्‍सरसाइज


फिट रहने के लिए प्रतिदिन एक्‍सरसाइज जरूर करना चाहिए। इससे शरीर का ब्‍लड सर्कुलेशन सही रहेगा। इसके अलावा तनाव मुक्‍त रहने के लिए योग, प्रणायाम करें। अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो इन टिप्‍स को जरूर अपनाएं।

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

Health Benefis Of Mustard Oil in Hindi


सरसों के तेल में खाना बनाने के ये फायदे


बहुत से लोग सरसों का तेल खाना बनाने में इस्तेमाल करते हैं तो कुछ लोग इसे मालिश के लिए इस्तेमाल करते हैं हर कोई सरसों के तेल का अपने हिसाब से इस्तेमाल करता है | लेकिन क्या आप सरसों के तेल के फायदे जानते हैं| क्या आप जानते हैं सरसों का तेल आपकी दिल की सेहत को दुरुस्त रख सकता है| जी हां, आज हम आपको सरसों के तेल के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं| फैटी एसिड और नैचुरल एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर सरसों का तेल हेल्थ के लिए भी बहुत अच्छा है सरसों के तेल में लगभग 60% मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड (एमयूएफए), 21% पॉलीअनसेचुरेटेड फैट (पीयूएफए) और लगभग 12% सैचुरेटेड फैट होता है| सरसों के तेल में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को सुधारने और बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता होती है

सरसों के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड (एन-3) और 15% ओमेगा-6 (एन-6) सहित दो जरूरी फैटी एसिड होते हैं| ये हार्ट के लिए बहुत लाभकारी माने जाते हैं, क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित करते हैं| सरसों का तेल शरीर में ट्राइग्लीसराइड्स (ब्लड में पाए जाने वाले फैट) को कम कर हार्ट को हेल्दी रखता है|

गुड़गांव में कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल की न्यूट्रिशनिस्ट परमीत कौर का कहना है कि खाने में ऐसा तेल इस्तेमाल होना चाहिए जो हार्ट के लिए अच्छा हो| अच्छे तेल में कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट नहीं होना चाहिए| अच्छे तेल में लो सैचुरेटेड फैट, हाई मोनोअनसैचुरेटेड फैट और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है| इतना ही नहीं, सेहत के लिए फायदेमंद तेज में एन6 से एन3 एसिड की निश्चित मात्रा होनी चाहिए| सरसों का तेल इन सभी मानदंडों को पर खरा उतरता है| एक रिसर्च में पाया गया है कि सरसों के तेल में खाना बनाने से कोरोनरी आर्टरी डिजीज़ से 70% तक बचा जा सकता है| सरसों का तेल ब्लड सरर्कुलेशन ठीक करता है और हाई ब्लड प्रेशर से बचाता है| एक्सपर्ट मानते हैं कि ऑलिव ऑयल से भी बेहतर सरसों का तेल होता है| खाने के अलावा सरसों का तेल बच्चों की बॉडी और बालों की मालिश के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है| ये स्टमक और स्किन डिजीज को दूर करने में भी काम आता है| सरसों के तेल में आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम भी पाए जाते हैं, जो बालों को न्यूट्रिशन देता है|

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें|

Pet Se fat Kam Karne ke Upay


7 चाय जिनको पीने से तोंद कभी नहीं बढ़ती...


चाय पीना अगर आपकी आदत में शामिल है तो क्यों इसे हेल्दी हैबिट बना लिया जाए| वजन बढ़ने की समस्या से हर तीसरा इंसान परेशान है और ऐसा हमारी बिगड़ी लाइफस्टाइल के कारण होता है| चाय की कुछ वैराइटी ऐसी होती हैं जिन्हें पीने से आपका वजन नियंत्रित रहता है और इन्हें आसानी से घर में बनाया जा सकता है| आइए जानें, चाय के ऐसे ही 7 प्रकार से जो आपको वजन कम करने में मदद करेंगे...

1|

दालचीनी की चाय वजन कम करने के लिए बहुत से लोग ग्रीन टी पर भरोसा करते हैं| इसे शहद और दालचीनी के साथ मिलकार पीने से इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं| आप हर रोज इसे खाली पेट ले सकते हैं|

2.

अजवाइन की चाय अजवाइन में राइबोफ्लेविन नामक तत्व होते हैं जो फैट बर्न करने में मदद करते हैं| गर्म पानी में अजवाइन, सौंफ, इलायची और अदरक डालकर पांच मिनट तक उबाल लें और फिर इस चाय को पिएं| नतीजे आपको जल्द ही नजर आने लगेंगे|

3.

जिंजर टी अदरक का चाय में इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद होता है| अदरक का पूरा फायदा लेने के लिए सबसे सबसे अदरक के एक इंच के टुकड़े को छिलकर काट लें| इन टुकड़ों को गैस पर उबल रहे पानी में डालकर ढक दें| 10 मिनट तक इस पानी को उबलने दें| फिर इसे छन्नी की मदद से छान लें और कुछ बूंद नींबू का रस मिला लें| मीठे के लिए बेहतर रहेगा कि आप शहद का इस्तेमाल करें|

4|

लेमन टी लेमन टी ज्यदातर लोगों को पसंद होती है| वजन कम करने के लिए यह चाय काफी लाभदायक है| लेमन टी में आप शुगर की जगह शहद का इस्तेमाल करेंगे तो इसके फायदे और भी बढ़ जाएंगे|

5|

ग्रीन टी ग्रीन टी पीना, कॉफी पीने की तुलना में कहीं अधिक फायदेमंद होता है| इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो हमारे शरीर को डिटॉक्स करके वजन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं|

6.

ब्लैक टी ब्लैक टी एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है| जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करती है| इसी वजह से यह शरीर में एक्स्ट्रा फैट को बर्न करके वजन को नियंत्रित करने का काम करती है|

7.

काली मिर्च की चाय काली मिर्च में मौजूद पाइपेरिन फैट बर्न करने में मदद करता है| कालीमिर्च और अदरक को गर्म पानी में पांच मिनट तक उबाल लें और फिर इसे छान लें| अब इसमें शहद या नींबू का रस मिलाकर इसे पीना वजन घटाने में मदद करता है|

Dahi Ke Fayde in hindi


सूरत और सेहत के लिए रोज खाइए दही

दही ना सिर्फ सेहत के लिए जरूरी है बल्कि इसमें खूबसूरती का खजाना भी छिपा होता है| पेट के लिए दही काफी फायदेमंद होता है| इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटमिन बी-6 और विटमिन बी-12 जैसे पोषक तत्व होते हैं| इसमें मौजूद लाभदायक बैक्टीरिया हमें स्वस्थ रखता है| इसलिए अगर आपको अपनी सेहत और सूरत की चिंता है तो एक कटोरी दही का सेवन नियमित रूप से खाने में करना चाहिए|

एसिडिटी को दूर भगाता है दही

कई लोगों को खाना खाने के तुरंत बाद ही एसिडिटी होने लगती है| अगर आपको भी ऐसी ही समस्या है तो खाने के तुरंत बाद या खाने के साथ एक कटोरी सादा दही जरूर खाएं| ये दही आपके शरीर में पीएच का बैलेंस बनाए रखेगा| साथ ही पेट में खाने से पैदा हुई गर्मी को कम करेगा| इससे एसिडिटी नहीं होगी| खाने के बाद दही खाने से खाना आसानी से पच भी जाता है |

दही में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम

दही में प्रचूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है| यह हड्डियों को मजबूती देता है| साथ ही, दांत और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है| इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है| हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में फायदा मिलता है| यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है |

दही में छिपा है खूबसूरती का खजाना

दही स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ ही सौंदर्य को निखारने का भी अच्छा स्रोत है| गर्मियों में अक्सर शरीर पर तेज धूप पड़ने से त्वचा टैन हो जाती है| ऐसे में दही टैनिंग कम करने के लिए बेहतर विकल्प है| इतना ही नहीं, दही में बेसन मिलाकर लगाने से भी चेहरे पर चमक आती है| दही की मलाई को मुंह के छालों पर दिन में दो-तीन बार लगाने से छाले दूर हो जाते हैं |

Calcium Sources in Hindi


कैल्शियम मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी है

कैल्शियम मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी है, यह रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉटिंग) में भी मदद करता | शिशुओं के शुरुआती विकास और मांसपेशियां बनाने में भी सहायक होता | कैल्शियम की कमी से कमजोर नाखून, दांत में दर्द, मासिक धर्म दर्द, धड़कन बढ़ना और नाड़ी की समस्याएं हो सकती | एक रिपोर्ट के मुताबिक, 14 से 20 साल उम्र के ज्यादातर भारतीय से कैल्शियम की कमी से जूझ रहे | सब्जियां, दही, बादाम और पनीर इसके स्रोत |

उन्होंने कहा कि जिन लोगों में कैल्शियम की कमी हो, उन्हें अपने आप दवा नहीं लेनी चाहिए और ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए डॉक्टर से सलाह लें और सेहतमंद खानपान के साथ सप्लीमेट लें |

उन्होंने कहा कि उम्र के साथ कैल्शियम की कमी हो सकती | शरीर का ज्यादातर कैल्शियम हड्डियों में संचित होता | उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां पतली और कम सघन हो जाती हैं जिससे कैल्शियम की मांग बढ़ जाती |

लक्षण :

भूखे रहने और कुपोषण, हार्मोन की गड़बड़ी, प्रिमैच्योर डिलीवरी और मैलएब्र्सोब्शन की वजह से भी कैल्शियम की कमी हो सकती | मैलएब्र्सोब्शन तब होता है, जब हमारा शरीर खुराक से विटामिन और मिनरल नहीं सोख पाता.

मसल क्रैम्प :

होमोग्लोबिन और पानी की उचित मात्रा लेने के बावजूद अगर आप नियमित रूप से मसल क्रैम्प का सामना कर रहे हैं तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत |

लो बोन डेनसिटी :

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है कैल्शियम हड्डियों की मिनरलेजाईशन के लिए जरूरी होता | कैल्शियम की कमी सीधे हमारी हड्डियों की सेहत पर असर करती है और ओस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्च र का खतरा बढ़ा सकती |

कमजोर नाखून :

नाखून के मजबूत बने रहने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, उसकी कमी से वह भुरभुरे और कमजोर हो सकते |

दांत में दर्द :

हमारे शरीर का 90 प्रतिशत कैल्शियम दांतों और हड्डियों में जमा होता है उसकी कमी से दांतों और हड्डियों का नुकसान हो सकता |

मासिक धर्म दर्द :

कैल्शियम की कमी वाली महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान काफी तीव्र दर्द हो सकता है, क्योंकि मांसपेशियों के काम करने में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता |

एम्यूनिटी में कमी :

कैल्शियम सेहतमंद रोग प्रतिरोधक क्षमता बना के रखता | कैल्शियम में कमी पैथगॉन अटैक से जूझने की क्षमता कम कर देता |

नाड़ी की समस्याएं :

कैल्शियम कमी से न्योरोलॉजिकल समस्याएं जैसे कि सिर पर दबाव की वजह से सीजर और सिरदर्द हो सकता | इसकी कमी से डिप्रेशन, इनसोमेनिया, पर्सनैल्टिी में बदलाव और डेम्निशिया भी हो सकता |

धड़कन :

कैल्शियम दिल के बेहतर काम करने के लिए आवश्यक है और कमी होने पर हमारे दिल की धड़कन बढ़ सकती है और बेचैनी हो सकती | कैल्शियम दिल को रक्त पंप करने में मदद करता | अगर आप इनमें से किसी लक्षण का सामना कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

Losing Weight with Water


क्या सिर्फ पानी पीकर हो सकता है वजन कम?

बहुत से लोग एक रात में ही अपना वजन कम करने की सोचते हैं जबकि कई तो झटपट कुछ ही दिनों में स्लिम दिखना चाहते हैं | इसके लिए वे सबकुछ खाना-पीना छोड़कर सिर्फ पानी पर रहना शुरू कर देते है | जानिए, बिना कुछ खाए-पीएं सिर्फ पानी पीकर वजन कम करना आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है.


बिना खाए-पीएं शरीर में एनर्जी नहीं रहती | आप सुस्त और नीरस महसूस करते हैं | कमजोरी होने के कारण आप गिर भी सकते हैं | सिर्फ पानी पीने से सिरदर्द होने लगता है |पानी की डायट लेने से हार्ट भी सामान्य तरीके से काम नहीं करता | हो सकता है इससे आपको कुछ गंभीर बीमारी भी हो जाए |लंबे समय तक लगातार वाटरी डायट लेने से इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता हैं जिससे आपको गई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं |किडनी और लीवर भी कमजोर हो सकते है |शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन ना मिलने से मसल्स भी कमजोर होने लगती है | कुछेक मामलों में तो लंबे समय तक सिर्फ पानी की डायट लेने से कुछ ऑर्गन भी फेल हो सकते हैं | नजीतन तुरंत मौत भी हो सकती है | ऐसे में सिर्फ पानी पीने से भी हो सकते हैं कई नुकसान.