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High Blood pressure is Silent Killer in hindi


हाई ब्लड प्रेशर साइलेंट किलर क्यों है?

उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिसके कोई विशेष लक्षण नहीं होते और इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है । विशेषज्ञों का कहना है सिर दर्द, नजर कमजोर होने, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है और नियमित दवाई से ही इसे नियंत्रित रखा जा सकता है ।


उच्च रक्तचाप एक साइलेंट किलर


विशेषज्ञों के मुताबिक उच्च रक्तचाप एक साइलेंट किलर है क्योंकि इसके अपने कोई विशेष लक्षण नहीं होते । कई बार रोगियों को सिर में दर्द या चक्कर आने की शिकायत होती है लेकिन ज्यादातर बार मस्तिष्क, हृदय, किडनी और आंखों तक पर असर होता है ।

हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है


आंकड़ों का हवाला देते हुए वह बताते हैं कि एक आकलन के अनुसार 33 ।8 प्रतिशत शहरी और 27 ।6 प्रतिशत ग्रामीण आबादी उच्च रक्तचाप की शिकार है जिसका अर्थ हुआ कि हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है । यह लोगों की मृत्यु की भी बड़ी वजह है । पिछले कुछ सालों में बदली जीवनशैली ने लोगों के हाइपर टेंशन को बढ़ाया है । इनमें शारीरिक व्यायाम की कमी, अधिक नमक और बसा वाला जंक फूड, अल्कोहल और तंबाकू के सेवन और मानसिक तनाव आदि कारण हो सकते हैं ।

बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए


समय पर बीपी पर नजर रखकर और उसे नियंत्रित रखकर जटिलताओं को कम किया जा सकता है । रोजाना 25 से 30 मिनट की कसरत, कम नमक का प्रयोग, कम वसा वाले भोजन के इस्तेमाल से मानसिक तनाव से बचा जा सकता है और इसका बीपी रोगियों पर सकारात्मक असर दिखाई देता है । बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए ।

उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है


उच्च रक्तचाप के प्रति जागरकता लाने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है । उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है और हृदय रोगों, किडनी के निष्क्रिय होने जैसी अनेक समस्याओं के पीछे रक्तचाप अधिक होना प्रमुख वजह है । कई रोगियों को अधिक रक्तचाप का पता नहीं चलता क्योंकि कोई खास लक्षण नहीं होता । सिर में दर्द, देखने में दिक्कत, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है ।

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

Health Benefits of Bajra in Hindi


पेट की समस्याके लिए

आमतौर पर हम अऩाज, गेहूं या चावल खाते हैं| लेकिन कई ऐसे अनाज भी हैं जो बहुत न्यूट्रिशंस से भरपूर होते हैं लेकिन हम उन्हें डायट में शामिल नहीं करते| ऐसा ही ही बाजरा| आज हम बात कर रहे हैं बाजरे के बारे में बाजरे को डायट में शामिल करने के क्या फायदे हैं|

किन लोगों के लिए बाजरा है बेहतर-

कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें अनाज डायजेस्ट नहीं होता| लोगों का इस वजह से वजन नहीं बढ़ पाता| कई लोगों को अनाज से एलर्जी भी होती है| यानि कुछ लोग ग्लूटन के लिए सेंसिटव होते हैं| ऐसे लोगों के लिए बाजरा एक बेहतर विकल्प हो सकता है क्योंकि बाजरे में ग्लूटन इंटोलेरेंस होता है.

बाजरे के फायदे-

बाजरा ग्लूटन फ्री होता है. जिन लोगों को ग्लूटन से एलर्जी है उनके लिए बाजरा अधिक फायदेमंद है | बाजरे में अमायनो एसिड्स होते हैं जो कि आसानी से एब्जॉर्व हो जाते हैं| जिन लोगों का डायजेशन बिगड़ा होता है या फिर चीजों को जल्दी एब्जॉर्व नहीं कर पाते, बाजरा उनके लिए भी फायदेमंद है| ऐसे लोग बाजरे की खिचड़ी या रोटी खा सकते हैं| इससे अमायनो एसिड्स बेहतर तरीके से बॉडी में एब्जॉर्व होगा| बाजरे की रोटी या खिचड़ी के सेवन से आप हेल्दी महसूस करेंगे| पेट खराब होने पर भी बाजरे की खिचड़ी खा सकते हैं|

बाजरे में पाए जाने वाले एलीमेंट्स-

बाजरे में कई हेल्दी एलीमेंट्स जैसे नियासिन, मैग्नीशियम, फास्‍फोरस पाया जाता है| नियासिन की जरूरत नर्व्स के लिए पड़ती है यानि ये नसों के लिए बहुत फायदेमंद है| वहीं फास्फोरस से बॉडी को एनर्जी मिलती है| मैग्नीशियम हार्ट की मसल्स के कॉन्ट्रेक्शन में मदद करता है| बाजरे में मैग्नीशियम अच्छी क्वांटिटी में पाया जाता है| बाजरे के सेवन से इस तरह के न्यूट्रिशंस की कमी को भी आसानी से दूर कर सकती है|

कब खाएं बाजरा-

यूं तो बाजरे की रोटी या खिचड़ी किसी भी मौसम में फायदेमंद है लेकिन सर्दियों में खाना अधिक फायदेमंद है| सर्दियों में ये शरीर को गर्म रखता है| बाजरे की रोटी को पालक या किसी और सब्जी के साथ भी खाया जा सकता है| अब तो आप समझ ही गए होंगे बाजरा आपके लिए क्यों है जरूरी|

खाली पेट ये चीजे ना खाये


खाली पेट इन 7 चीज़ों को खाना है सेहत के लिए ख़तरनाक

अच्छी सेहत पाने के लिए जरूरी है हेल्दी फूड. लेकिन कर्इ बार किसी चीज को गलत समय पर खाने से सेहत पर उल्टा असर भी होता है. एेसे में खाासतौर पर ध्यान रखें कि आप क्या खा रहे हैं आैर किस समय खा रहे हैं. यहां हम आपको बता रहें हैं कि खाली पेट किन खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए |

1. केला:

खाली पेट केला खाने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है जिसकी वजह से शरीर में कैल्शियम और मैग्‍नीशियम की मात्रा में असंतुलन हो जाता है. इसलिए सुबह खाली पेट केला न खाएं |

2. कॉफी:

खाली पेट, कॉफी का सेवन सबसे अधिक घातक होता है. इसमें कैफीन होती है जो खाली पेट लेने पर आपको बेहाल कर सकती है. कुछ खाने को न हों, तो एक गिलास पानी ही पी लें |

3. मसालेदार खाना:

कभी भी खाली पेट किसी भी प्रकार के चटपटे भोजन का सेवन न करें. इसमें नेचुरल एसिड होता है जो पेट के हाजमे को बिगाड़ देता है. कई बार इससे पेट में दिक्कत भी होने लगती हैं |

4. एल्कोहल:

शराब तो वैसे भी सेहत के लिए हानिकारक है लेकिन खाली पेट तो यह और भी नुकसान पहुंचाती है. इसके सेवन से पेट में जलन होने लगती है, जिसकी वजह से खाना ठीक से पचता नहीं है |

5. मेडिसिन:

अक्सर डॉक्टर को आपने यह सलाह देते सुना होगा कि खाली पेट दवाई न खाएं क्योंकि इससे भी पेट में एसिड की शिकायत आती है जिससे शरीर में असंतुलन पैदा हो जाता है |

6. टमाटर:

इसमें अधिक मात्रा में एसिड होता है अगर इसे खाली पेट खाया जाए तो पेट में अघुलनशील जेल का निर्माण हो जाता है जिससे पेट में स्टोन बन जाते है क्योंकि टमाटर विटामिन ए, सी,के, फोलेट और पोटेशियम का अच्छा स्रोत है |

7. शुगर:

सुबह उठकर या फिर खाली पेट अाप किसी मीठी चीज को खाते-पीते हैं तो यह आपके शरीर में डायबिटीज को बढ़ने का खतरा ज्यादा हो जाता है. इसलिए जरूरी है कि खाली पेट पहले पानी पिएं फिर कोर्इ चीज खाएं |

Calcium Sources in Hindi


कैल्शियम मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी है

कैल्शियम मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी है, यह रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉटिंग) में भी मदद करता | शिशुओं के शुरुआती विकास और मांसपेशियां बनाने में भी सहायक होता | कैल्शियम की कमी से कमजोर नाखून, दांत में दर्द, मासिक धर्म दर्द, धड़कन बढ़ना और नाड़ी की समस्याएं हो सकती | एक रिपोर्ट के मुताबिक, 14 से 20 साल उम्र के ज्यादातर भारतीय से कैल्शियम की कमी से जूझ रहे | सब्जियां, दही, बादाम और पनीर इसके स्रोत |

उन्होंने कहा कि जिन लोगों में कैल्शियम की कमी हो, उन्हें अपने आप दवा नहीं लेनी चाहिए और ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए डॉक्टर से सलाह लें और सेहतमंद खानपान के साथ सप्लीमेट लें |

उन्होंने कहा कि उम्र के साथ कैल्शियम की कमी हो सकती | शरीर का ज्यादातर कैल्शियम हड्डियों में संचित होता | उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां पतली और कम सघन हो जाती हैं जिससे कैल्शियम की मांग बढ़ जाती |

लक्षण :

भूखे रहने और कुपोषण, हार्मोन की गड़बड़ी, प्रिमैच्योर डिलीवरी और मैलएब्र्सोब्शन की वजह से भी कैल्शियम की कमी हो सकती | मैलएब्र्सोब्शन तब होता है, जब हमारा शरीर खुराक से विटामिन और मिनरल नहीं सोख पाता.

मसल क्रैम्प :

होमोग्लोबिन और पानी की उचित मात्रा लेने के बावजूद अगर आप नियमित रूप से मसल क्रैम्प का सामना कर रहे हैं तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत |

लो बोन डेनसिटी :

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है कैल्शियम हड्डियों की मिनरलेजाईशन के लिए जरूरी होता | कैल्शियम की कमी सीधे हमारी हड्डियों की सेहत पर असर करती है और ओस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्च र का खतरा बढ़ा सकती |

कमजोर नाखून :

नाखून के मजबूत बने रहने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, उसकी कमी से वह भुरभुरे और कमजोर हो सकते |

दांत में दर्द :

हमारे शरीर का 90 प्रतिशत कैल्शियम दांतों और हड्डियों में जमा होता है उसकी कमी से दांतों और हड्डियों का नुकसान हो सकता |

मासिक धर्म दर्द :

कैल्शियम की कमी वाली महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान काफी तीव्र दर्द हो सकता है, क्योंकि मांसपेशियों के काम करने में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता |

एम्यूनिटी में कमी :

कैल्शियम सेहतमंद रोग प्रतिरोधक क्षमता बना के रखता | कैल्शियम में कमी पैथगॉन अटैक से जूझने की क्षमता कम कर देता |

नाड़ी की समस्याएं :

कैल्शियम कमी से न्योरोलॉजिकल समस्याएं जैसे कि सिर पर दबाव की वजह से सीजर और सिरदर्द हो सकता | इसकी कमी से डिप्रेशन, इनसोमेनिया, पर्सनैल्टिी में बदलाव और डेम्निशिया भी हो सकता |

धड़कन :

कैल्शियम दिल के बेहतर काम करने के लिए आवश्यक है और कमी होने पर हमारे दिल की धड़कन बढ़ सकती है और बेचैनी हो सकती | कैल्शियम दिल को रक्त पंप करने में मदद करता | अगर आप इनमें से किसी लक्षण का सामना कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

Benefits of Apple in Hindi


आंखों को इस तरह से लाभ पहुंचाता है ये सेब!


सेब के तो आपने बहुत फायदे सुने होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं ये आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद है| सेब के जरिए कैसे आंखों की समस्याओं को दूर रखा जा सकता है|

आंखों की परेशानी में सेब


जब आंखों में सूजन हो, लाली हो या फिर कोई इंफेक्शन हो तो कच्चे सेब को आग में भूनकर इसकी पोटली से आंख की सिंकाई करें| इससे एलर्जी और आंख की बाकी समस्याओं से निजात मिलेगी|

सेब की चाय-


सेब की चाय बनाने के लिए कच्चे सेब के टुकड़े सुखा लें| सूखने के बाद इसमें तुलसी का पत्ता, पुदीना, काली मिर्च और लौंग मिलाकर उबाल लें| ये चाय का बेहतर विकल्प है| सेब की चाय सर्दी और खांसी में आराम देती है|

बिच्छू डंक में सेब-


सेब की पत्तियां बिच्छू डंक में बहुत ही अच्छा काम करती हैं| सेब की 10 ग्राम पत्तियों को 400 ग्राम पानी में मसलकर डालें| बचा हुए पानी जब 100 ग्राम रह जाए तो उसमें सेंधा नमक डालकर इसका सेवन करें| सेब के पत्ते के पानी में सेंधा नमक घोलकर 4 से 5 बूंदें बिच्‍छू के डंक के घाव को भरने के लिए बिच्छू जिस हिस्से में काटा है उसकी दूसरी तरफ कान में डाल दीजिए| आराम मिलेगा.

How To Get Weight Gain Without Medicine ( कैसे वजन बढ़ाएं बिना दवा खाएं)


दुबले लोग इस तरह बनाएं बॉडी

अगर आप भी अपने कम वजन को लेकर परेशान हैं तो अब टेंशन की कोई बात नहीं है। अब आप भी बिना किसी दिक्कत के दिनचर्या में हल्का बदलाव करके वजन बढ़ा सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिनसे आपका वजन बढ़ेगा भी और आपके स्वास्थ्य को भी कोई नुकसान नहीं होगा। आइए जानते हैं वजन बढ़ाने के घरेलू उपाय।

ज्यादा कैलोरी वाला पौष्टिक आहार लें

वजन बढ़ाने का यह पहला कदम है। अपने आहार में ज्यादा कैलोरी वाले पौष्टिक भोजन जैसे एवाकाडो, रोटी, आलू, पाल्ट्री और मछली को शामिल करें। इससे मसल्स का ग्रोथ ज्यादा होगा और हड्डियां भी मजबूत होंगी। साथ ही ज्यादा प्रोटीन और कैलोरी वाले भोजन की मात्रा को बढ़ाएं। चाहें तो आप दिन में 3-4 बार से 5-6 बार भोजन कर सकते हैं। ज्यादा मात्रा में खाएं और ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन लेने की कोशिश करें।

ज्यादा मात्रा में पानी पीएं

अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो अपने शरीर में पानी की कमी ना होने दें। काफी अधिक मात्रा में पानी, दूध, फलों का रस आदि पिएं। अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीएं और भोजन के पहले या भोजन के दौरान पानी ना पीएं क्योंकि इससे कैलोरी की मात्रा कम होती है। वजन बढाना मतलब ज्यादा कैलोरी लेना है, इसलिए कैलोरी बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करें।

डेयरी फूड अधिक इस्तेमाल करें

दूध और दही जैसे डेयरी उत्पाद का सेवन बढ़ाएं। दूध प्रोटीन और कैल्सियम से भरा होता है और काफी हेल्दी भी होता है। यह मसल्स और हड्डी को मजबूत बनाकर वजन बढ़ाता है। अगर सादा दूध पीने से आप बोर हो जाएं तो मिल्क शेक का भी सहारा ले सकते हैं।

पूरी नींद लें

नींद पूरी ना होना अपने वजन घटने का कारण हो सकता है, इसलिए बिना किसी तनाव के जमकर नींद लें। इसके लिए पूरे दिन में 8 घंटे तक नींद पूरी करें और खाने में हेल्दी फैट का सेवन करें।

फल और सब्जियां

ऐसे कई फल और सब्जियां हैं जो पौष्टिक होने के साथ-साथ वजन को भी बढ़ाते हैं। मकई, गाजर, आलू, केला आदि ऐसे ही फल हैं।

ये सभी वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

मसल्स और वजन जल्दी बढ़ाने के लिए हर्बल और दूसरे हेल्थी सप्लीमेंट्स को चुनें। जहां तक हो सके हर्बल सप्लीमेंट्स पर ही ज्यादा ध्यान दें।