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Increase your Memory Power in hindi


याददाश्त तेज करनी है तो करें ये क्रियाएं

Increase your memory power by practicing

कहीं ना कहीं क्या आप भी चीजों को भूलने लगे हैं यानि आपकी याददाश्त कमजोर होने लगी है? आप ऐसे अकेले नहीं है । दरअसल, ऐसा बहुत लोगों के साथ होता है । हैरानी की बात ये है कि ये समस्या बड़ों में ही नहीं बल्कि बच्चों में भी देखने को मिलती है । लेकिन क्या आप जानते हैं योग के माध्यम से आप अपनी याददाश्त को तेज कर सकते हैं । योग की वे क्रियाएं जो करेंगी याददाश्त को तेज।


यादरश्त बढ़ाने के लिए करें रेखागति आसन


ये क्रिया ना सिर्फ याददाश्त मजबूत करेगी बल्कि डिस्ट्रैक्शन को भी दूर करेगी ।इस क्रिया के लिए सीधे खड़े हो जाएं । एड़ी-पंजों को मिलाकर खड़े रहें । हथेलियों को जांघों के साथ सटा दें । आंखें बंद रहेंगी और बंद आंखों के साथ एक-एक स्टेप आगे बढ़ें ।

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स्टेप बढ़ने के दौरान दाईं एड़ी को बाएं पंजे से छुएं और बाईं एड़ी को दाएं पंजे से छूते हुए स्टेप्स को आगे बढ़ाएं । और ठीक ऐसे ही पीछे जाएं । 10 कदम आगे जाएं और 10 कदम पीछे जाएं ।

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रोजाना तीस से चालीस कदम ऐसा करने से याददाश्त ठीक हो जाएगी ।

वृक्षासन-



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इस क्रिया को ध्रुवासन के नाम से भी जाना जाता है ।इस क्रिया में पैर को जांधों के ऊपर की तरफ टिकाएं और दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं । जितनी देर हो सके रूकें और फिर इस क्रिया को दूसरे पैर से करें ।

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बैलेंस पोज करके आप अपनी याददाश्त को तेज बना सकते हैं ।

आज का नुस्खा



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आशंखपुष्टी को अपनी डायट में शामिल करें ।

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बच-बच एक औषधि है इसे मुंह में टॉफी की तरह रखकर चूसें ।मेडिटेशन जरूर करें । मेडिटेशन के दौरान जिस भी मंत्र को आप चाहें उसका जाप करें । दिन में एक बार जरूर ऐसा करें ।

नोट:


आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

Kaise Chhudaatee hain Nashe ki lat in Hindi


नशेड़ियों के लिए ये चीजें, हाथों-हाथ छुड़ाती हैं नशे कि लत


नशे कि लत एक ऐसी आदत है जो सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य को तो प्रभावित करती ह है साथ हमें असामाजिक भी बनाती है।


1-किचन की चीजें


नशे कि लत वाकई बहुत खराब होती हैं। ये एक ऐसी आदत है जो सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य को तो प्रभावित करती ह है साथ हमें असामाजिक भी बनाती है। जिन लोगों को नशा करने की आदत होती है वो इसके इतने आदि हो जाते हैं कि उन्हें लगता है अब इससे कभी छुटकारा नहीं मिलेगा। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो ये आपकी गलतफहमी है। आज हम आपको किचन में मौजूद कुछ ऐसी चीजें बता रहे हैं जिनसे आप नशे की लत से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।

2-पानी है उपयोगी


जी हां, सही सुन रहे हैं आप। पानी सिर्फ हमारी प्यास ही नहीं बुझाता है बल्कि यह और भी कई मायनों में फायदेमंद है। जिन लोगों को नशा करने की आदत होती है खासकर के स्मोकिंग की उन्हें इसे छुटकारा पाने के लिए खूब सारा पानी पीना चाहिए। इससे आपका पेट भरा रहता है और आपको स्मोकिंग करने की इच्छा महसूस नहीं होती है।

3-औषधी से कम नहीं है हल्दी


भारत में हल्दी को एक औषधी के रूप में माना जाता है। यह हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ देती है। भारतीय मसालों में हल्दी सबसे उपयोगी और महत्वपूर्ण है। जो लोग नशा करते हैं अगर वो हल्दी का अधिक प्रयोग करेंगे तो उनकी आदत छूट जाएगी।

4- दालचीनी है कारगार


हर घर की रसोई में दालचीनी आसानी से मिल जाती है। सेहत को भी दालचीनी के अनेक फायदे मिलते हैं। दालचीनी को गहरी सांस लेकर सूंघें। इससे आपको धूम्रपान के फ्लेवर का अहसास होगा। इसके साथ ही आप दालचीनी को चबाकर भी सेवन कर सकते हैं।

5- रामबाण उपाय है अदरक


रोजाना एक अदरक का टुकड़ा ले और उसे धीरे-धीरे चबाते रहें। कुछ ही दिनों तक ऐसा करने से आपको खुद नशे से घिन आने लगेगी। इसके अलावा अदरक के पेस्ट में आप एक चम्मच चीनी मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं। इसके बाद तुरंत इसका सेवन करें। ये नुस्खा नशा करने की आपकी इच्छा शक्ति को खत्म करने में मदद करता है।

6-दूध का करें सेवन


हड्डियां और दांत मजबूत करने के साथ ही दूध नशे की आदत को भी छुड़ाता है। नियमित दूध का सेवन करने से नशा करने का मन नहीं करता है। इसके अलावा दूध की जगह आप अन्य डेयरी उत्पादों जैसे योगर्ट, चीज और क्रीम का सेवन भी कर सकते हैं।

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

High Blood pressure is Silent Killer in hindi


हाई ब्लड प्रेशर साइलेंट किलर क्यों है?

उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिसके कोई विशेष लक्षण नहीं होते और इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है । विशेषज्ञों का कहना है सिर दर्द, नजर कमजोर होने, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है और नियमित दवाई से ही इसे नियंत्रित रखा जा सकता है ।


उच्च रक्तचाप एक साइलेंट किलर


विशेषज्ञों के मुताबिक उच्च रक्तचाप एक साइलेंट किलर है क्योंकि इसके अपने कोई विशेष लक्षण नहीं होते । कई बार रोगियों को सिर में दर्द या चक्कर आने की शिकायत होती है लेकिन ज्यादातर बार मस्तिष्क, हृदय, किडनी और आंखों तक पर असर होता है ।

हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है


आंकड़ों का हवाला देते हुए वह बताते हैं कि एक आकलन के अनुसार 33 ।8 प्रतिशत शहरी और 27 ।6 प्रतिशत ग्रामीण आबादी उच्च रक्तचाप की शिकार है जिसका अर्थ हुआ कि हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है । यह लोगों की मृत्यु की भी बड़ी वजह है । पिछले कुछ सालों में बदली जीवनशैली ने लोगों के हाइपर टेंशन को बढ़ाया है । इनमें शारीरिक व्यायाम की कमी, अधिक नमक और बसा वाला जंक फूड, अल्कोहल और तंबाकू के सेवन और मानसिक तनाव आदि कारण हो सकते हैं ।

बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए


समय पर बीपी पर नजर रखकर और उसे नियंत्रित रखकर जटिलताओं को कम किया जा सकता है । रोजाना 25 से 30 मिनट की कसरत, कम नमक का प्रयोग, कम वसा वाले भोजन के इस्तेमाल से मानसिक तनाव से बचा जा सकता है और इसका बीपी रोगियों पर सकारात्मक असर दिखाई देता है । बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए ।

उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है


उच्च रक्तचाप के प्रति जागरकता लाने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है । उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है और हृदय रोगों, किडनी के निष्क्रिय होने जैसी अनेक समस्याओं के पीछे रक्तचाप अधिक होना प्रमुख वजह है । कई रोगियों को अधिक रक्तचाप का पता नहीं चलता क्योंकि कोई खास लक्षण नहीं होता । सिर में दर्द, देखने में दिक्कत, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है ।

नोट:

आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें ।

खाली पेट ये चीजे ना खाये


खाली पेट इन 7 चीज़ों को खाना है सेहत के लिए ख़तरनाक

अच्छी सेहत पाने के लिए जरूरी है हेल्दी फूड. लेकिन कर्इ बार किसी चीज को गलत समय पर खाने से सेहत पर उल्टा असर भी होता है. एेसे में खाासतौर पर ध्यान रखें कि आप क्या खा रहे हैं आैर किस समय खा रहे हैं. यहां हम आपको बता रहें हैं कि खाली पेट किन खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए |

1. केला:

खाली पेट केला खाने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है जिसकी वजह से शरीर में कैल्शियम और मैग्‍नीशियम की मात्रा में असंतुलन हो जाता है. इसलिए सुबह खाली पेट केला न खाएं |

2. कॉफी:

खाली पेट, कॉफी का सेवन सबसे अधिक घातक होता है. इसमें कैफीन होती है जो खाली पेट लेने पर आपको बेहाल कर सकती है. कुछ खाने को न हों, तो एक गिलास पानी ही पी लें |

3. मसालेदार खाना:

कभी भी खाली पेट किसी भी प्रकार के चटपटे भोजन का सेवन न करें. इसमें नेचुरल एसिड होता है जो पेट के हाजमे को बिगाड़ देता है. कई बार इससे पेट में दिक्कत भी होने लगती हैं |

4. एल्कोहल:

शराब तो वैसे भी सेहत के लिए हानिकारक है लेकिन खाली पेट तो यह और भी नुकसान पहुंचाती है. इसके सेवन से पेट में जलन होने लगती है, जिसकी वजह से खाना ठीक से पचता नहीं है |

5. मेडिसिन:

अक्सर डॉक्टर को आपने यह सलाह देते सुना होगा कि खाली पेट दवाई न खाएं क्योंकि इससे भी पेट में एसिड की शिकायत आती है जिससे शरीर में असंतुलन पैदा हो जाता है |

6. टमाटर:

इसमें अधिक मात्रा में एसिड होता है अगर इसे खाली पेट खाया जाए तो पेट में अघुलनशील जेल का निर्माण हो जाता है जिससे पेट में स्टोन बन जाते है क्योंकि टमाटर विटामिन ए, सी,के, फोलेट और पोटेशियम का अच्छा स्रोत है |

7. शुगर:

सुबह उठकर या फिर खाली पेट अाप किसी मीठी चीज को खाते-पीते हैं तो यह आपके शरीर में डायबिटीज को बढ़ने का खतरा ज्यादा हो जाता है. इसलिए जरूरी है कि खाली पेट पहले पानी पिएं फिर कोर्इ चीज खाएं |

Dehydration Remedies in Hindi


डिहाइड्रेशन की समस्या से बचने के लिए बेहतर उपाय

गर्मियों में तेज धूप और पसीने के कारण आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है| इसलिए इन दिनों कोल्ड ड्रिंक और पैकेज फ्रूट जूस जैसी अन्हेल्दी चीजें नहीं बल्कि घर में बनने वाले विभिन्न तरह के हेल्दी और टेस्टी शर्बत ही पिएं|

सौंफ का शर्बत-

इसे पीने से आपका शरीर और दिमाग कूल रहते हैं| इसे बनाने के लिए एक चम्मच सौंफ को रातभर पानी में भिगोकर रखें| सुबह सौंफ अलग कर लें और पानी में चीनी व शहद डालकर शर्बत बनाएं|

इमली का शर्बत-

इसमें विटामिन और खनीज होते हैं, जो शरीर से खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करते हैं| इसे बनाने के लिए इमली, गुड़ और रॉक साल्ट को रातभर भिगोकर रखें| सुबह जरूरत के अनुसार पानी डालकर शर्बत बनाएं|

कोकम का शर्बत-

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कोकम का शर्बत बेहतर उपाय है| कोकम को रातभर पानी में भिगोकर रखें| अगले दिन पानी में नमक और चीनी डालकर शर्बत बनाएं|

सब्जा शर्बत-

बेहतर पाचन और डिहाइड्रेशन व हीटस्ट्रोक से बचने के लिए सब्जा का शर्बत बेहतर उपाय है| एक गिलास पानी में 1/4 चौथाई सब्जा के बीज डालकर भिगो दें| इसमें एक चुटकी नमक, चीनी और नींबू रस मिलाकर पिएं|

गुलकंद शर्बत-

पानी में गुलकंद या गुलाब की पत्तियां और गुड़ डालकर रातभर छोड़ दें| अगले दिन पानी को अलग कर लें और उसमें बर्फ डालकर पिएं|

Sleeping Disorder Treatment in Hindi


रात में नींद नहीं आने की परेशानी

यदि आप रात भर जागते हैं, या फिर नींद नहीं आने की परेशानी से गुज़र रहे हैं तो इसकी वजह जीन में परिवर्तन है | वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसे इंसान जिन्हें जीवनभर में नींद न आने की समस्या रहती है उसकी वजह इंसान के जीन में होनेवाला उत्परिवर्तन होता है |

अमेरिका के रॉकफेलर विश्वविद्यालय के रिसर्चरों ने अपने शोध में पता किया कि जीन सीआरवाई1 की अलग-अलग किस्में आंतरिक जैविक समय (बाइलॉजिकल क्लॉक) को कम कर देती हैं जो कि रात के वक्त नींद आने की अवस्था और सुबह में जागने के बाद आपको नियंत्रित करने का काम करती है | ऐसे इंसान जो 'रात में नींद नहीं आने' के ऐसे वेरिएंट्स से ग्रसित हैं उन्हें यह लंबे समय तक जगाए रखती है |

रॉकफेलर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मिशेल डब्ल्यू योंग के मुताबिक, अन्य जीन उत्परिवर्तन (जीन म्यूटेशन) की तुलना में जो कि दुनियाभर में रह रहे ऐसे अकेले परिवार जिन्हें नींद न आने तकलीफ है, यह पूरी तरह से असरदार और सही तरीके से होनेवाले जेनेटिक बदलाव है |

नए रिसर्च के अनुसार, यह जेनेटिक बदलाव (म्यूटेशन) हर 75 में से एक इंसान में मौजूद रहता है |